शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र के अमलाय पत्थर के पास 8 फरवरी को धर्मेंद्र शर्मा की हत्या के दोनों आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह वारदात पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। पुलिस थाना प्रभारी एसके यादव ने बताया कि घटना से करीब 15 दिन पहले मृतक धर्मेंद्र शर्मा और आरोपियों चिराग कुमावत व बादल के बीच लेनदेन को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। उस समय आपसी बातचीत के बाद मौखिक समझौता हो गया था, लेकिन आरोपियों ने इसी रंजिश को अपने मन में रखा।दोनों आरोपी सीहोर की ब्रह्मपुरी कॉलोनी से धर्मेंद्र को अपने साथ लेकर निकले। इसके बाद तीनों आष्टा मार्ग पर पहुंचे, जहां एक ढाबे पर बैठकर शराब पी। शराब पीने के दौरान फिर विवाद हुआ और मारपीट की स्थिति बन गई। झगड़े के चलते ढाबा संचालक ने तीनों को ढाबे से बाहर निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, ढाबे से निकलने के बाद आरोपियों ने धर्मेंद्र को सुनसान जगह ले जाकर पहले मारपीट की और फिर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव पर स्प्रीट डालकर उसे जलाने की कोशिश की और शव को एक किसान के खेत में फेंक दिया। परिजनों ने धर्मेंद्र के अधजले शव की पहचान की थी घटना के बाद रविवार रात को ही परिजनों ने सीहोर कोतवाली थाने में धर्मेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार को शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में खेत में अधजला शव मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के थानों में शव की फोटो भेजी गई, जिसके बाद परिजनों ने शुजालपुर पहुंचकर शव की पहचान धर्मेंद्र शर्मा के रूप में की। पुलिस को घटनास्थल से एक मोबाइल फोन भी मिला है, लेकिन उसमें सिम नहीं होने के कारण कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस बीते चार दिनों से आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या केवल लेनदेन और मारपीट की रंजिश के कारण इतनी बेरहमी से हत्या की गई या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।