शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में अमलाय पत्थर के पास 7 फरवरी की रात सीहोर निवासी युवक धर्मेंद्र शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में नए खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी बादल ने बताया कि फरार आरोपी चिराग को अपनी पत्नी और मृतक धर्मेंद्र के बीच बातचीत पर संदेह था। पुरानी रंजिश के साथ इस संदेह ने हत्या की साजिश को अंजाम दिया। राजस्थान से गिरफ्तार एक आरोपी पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को मंडी थाने में प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी बादल को हत्या के बाद राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया है। वह 14 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में बादल ने खुलासा किया कि घटना से चार-पांच दिन पहले से वह और चिराग साथ रह रहे थे। 7 फरवरी की रात दोनों ने मिलकर धर्मेंद्र की हत्या की। पुलिस के अनुसार, मृतक धर्मेंद्र कुबेरेश्वर धाम के पास प्रसाद बेचता था, जबकि चिराग सीहोर में गराडू बेचता था। पहचान होने के कारण दोनों के बीच पहले से संपर्क था। धर्मेंद्र मूल रूप से कालापीपल का निवासी था, वहीं चिराग रतलाम का रहने वाला है।जांच में सामने आया है कि मृतक के चाचा से पैसों के लेनदेन को लेकर चिराग और धर्मेंद्र के बीच पहले विवाद हुआ था। इसी पुरानी रंजिश और चिराग को अपनी पत्नी से धर्मेंद्र की बातचीत पर संदेह के चलते, आरोपियों ने धर्मेंद्र को घर से बुलाकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों से बाइक बरामद पुलिस ने बादल की निशानदेही पर वह बाइक बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल धर्मेंद्र को सीहोर से शुजालपुर लाने में किया गया था। हत्या के बाद बाइक को छिपा दिया गया था। शव की पहचान मिटाने के लिए उस पर स्पिरिट डालकर जलाने का प्रयास किया गया था। स्पिरिट किसने और कहां से खरीदी, इसकी जांच अभी जारी है। बादल के खिलाफ सीहोर कोतवाली क्षेत्र में मारपीट का एक मामला दर्ज है। फरार आरोपी चिराग का आपराधिक रिकॉर्ड रतलाम से मंगवाया गया है। पुलिस का कहना है कि चिराग की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के सभी पहलुओं और कारणों का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा।