अकोदिया नगर परिषद ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। राजस्व विभाग ने नगर की 22 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है। इस घोषणा के बाद इन कॉलोनियों में भूखंडों का नामांतरण नहीं हो सकेगा और न ही कोई नया निर्माण कार्य किया जा सकेगा। नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश सेन ने बताया कि अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को नल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अवैध कॉलोनियों में भूखंडों का नामांतरण किसी भी स्थिति में न किया जाए। सीएमओ सेन के अनुसार, राजस्व विभाग ने इन कॉलोनियों को अवैध के रूप में दर्ज किया है। यदि इन सर्वे नंबर भूमियों का डायवर्सन होने के बाद भी नामांतरण के लिए निकाय में आवेदन आता है, तो परिषद उसे स्वीकार नहीं करेगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजेश सेन ने यह भी बताया कि अवैध कॉलोनियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शहर में मुनादी कराकर सभी को सूचित किया गया है कि अवैध कॉलोनियों में नया निर्माण कार्य और सुविधाएं प्रतिबंधित रहेंगी। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अवैध कॉलोनियों के प्रकरण एसडीएम कार्यालय से पुलिस थाने भेज दिए गए हैं, जबकि शेष कॉलोनियों की जांच अभी जारी है। नगर परिषद की इस कार्रवाई से उन नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने इन अवैध कॉलोनियों में पहले से ही भूखंड खरीद रखे हैं और उनका नामांतरण नहीं करवाया है। उन्हें अब नामांतरण कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम शहर के नियोजित विकास और नियमों के पालन के लिए आवश्यक बताया जा रहा है। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अब वैध कॉलोनियों में स्थानांतरित होने के विकल्प तलाशने होंगे। नगर परिषद द्वारा कुछ अवैध कॉलोनियों में पहले से किए गए निर्माण कार्य भी अब जांच के दायरे में आ गए हैं। नामांतरण पर रोक लगाई शुजालपुर के एसडीएम राजकुमार हालदार ने बताया कि नगर परिषद ने अवैध कॉलोनियों में भूखंडों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इन अवैध कॉलोनियों के विकास को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसमें जुर्माना के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी शामिल होगी।