पोलायकला के पांडव कालीन हिमालेश्वर धाम मोरटा केवड़ी में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार को पंडित लोकेश त्रिवेदी ने श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराया। इस अवसर पर उन्होंने सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत बनाए रखने में संतों के योगदान पर विशेष बल दिया। पंडित त्रिवेदी ने अपने प्रवचन में कहा कि सनातन धर्म की जड़ें संतों के कारण ही सुदृढ़ हैं। संत सदैव परोपकार की भावना से भक्तों के हितों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। उन्होंने संतों के निस्वार्थ सेवा भाव और उनके महत्व को विस्तार से समझाया। पंडित त्रिवेदी ने वर्तमान में सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयासों पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें हिंदुओं को जातियों के नाम पर विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं। जाति व्यवस्था पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से ही समाज में अपना स्थान प्राप्त करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार और उचित शिक्षा दें, ताकि वे सनातन धर्म की परंपराओं को जीवित रख सकें। कथा के दैनिक समापन पर यज्ञ आचार्य द्वारा स्थापित देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद हवन संपन्न करवाया गया।इस बीच, नगर में आगामी 15 फरवरी रविवार को शिवरात्रि महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस भव्य आयोजन को लेकर शिवालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को नगर के प्राचीन श्री हिमालेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने महादेव को हल्दी और मेहंदी अर्पित की तथा मंगल गीत गाए। इसके बाद 15 फरवरी को माता पार्वती के साथ महादेव का विवाह धूमधाम से संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।महोत्सव के लिए मंदिरों में रंग-रोगन और विद्युत सज्जा का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे एक आकर्षक और भव्य वातावरण निर्मित हो सके। शुक्रवार को भागवत कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए समिति द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कथा पंडाल को आकर्षक रूप से सजाया गया है, और कृष्ण जन्म के अवसर पर भक्तों को माखन मिश्री का भोग वितरित किया जाएगा।