शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में किसान के खेत में रविवार सुबह मिले अधजले शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान सीहोर ब्रह्मपुरी कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र पिता रमेशचंद्र शर्मा (28) के रूप में हुई है। वह मूलतः कालापीपल का निवासी था और कुछ महीनों से सीहोर में कमरा लेकर रहता थ। परिजनों ने दो युवकों पर गला रेतकर हत्या करने और शव जलाने का आरोप लगाया है। मृतक के चेचेरे भाई प्रशांत उर्फ बंटी शर्मा ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे चिराग कुमावत और बादल धर्मेंद्र को सीहोर स्थित घर से साथ बुलाकर ले गए थे। शाम करीब 5 बजे मोबाइल पर बात हुई, तब धर्मेंद्र ने कहा था कि उसे छोड़ा नहीं जा रहा है और एक घंटे में वापस आएगा। इसके बाद रात करीब 8.30 बजे जब भाई की जानकारी लेने के लिए दोबारा फोन लगाया गया तो चिराग और बादल ने गालियां दीं और कहा कि हमने तेरे भाई को मार दिया है। इसके बाद परिजनों ने शनिवार रात में ही कोतवाली सीहोर थाना पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि रात करीब 3.30 बजे दोबारा थाने पहुंचकर कॉल रिकॉर्डिंग सुनाई गई और धर्मेंद्र की जान को खतरा बताते हुए लोकेशन निकालकर मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन तत्काल सहायता नहीं की गई। शुजालपुर क्षेत्र में शव मिलने के बाद जब पुलिस ने आसपास के थानों में फोटो भेजे, तब परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई। जांच में सामने आया है कि आष्टा मार्ग पर एक ढाबे पर तीनों ने शराब पी थी, जहां आपस में झगड़ा हो गया था। ढाबा संचालक ने चिराग और बादल के फोटो पहचानते हुए बताया कि विवाद के बाद तीनों को ढाबे से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार मृतक के चाचा के कुछ रुपए आरोपी चिराग से लेना बकाया थे, इसी बात को लेकर पहले से मनमुटाव चल रहा था। मृतक के भाई प्रशांत उर्फ बंटी ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि यदि समय रहते पुलिस लोकेशन निकालकर मदद करती तो धर्मेंद्र उर्फ गोलू की जान बच सकती थी। उसने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र की बेरहमी से गला रेतकर हत्या की गई और शव को जलाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। इधर शुजालपुर मंडी थाना पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। युवक के शव का शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।