अकोदिया के सलसलाई में बुधवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महामंडलेश्वर मुकेश आनंद ने समाज को एकजुट रहने और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो राम को मानता है और गाय को माता समझता है, उसके साथ कभी ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह हमारा भाई है। कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम सम्मेलन की शुरुआत नगर में निकली भव्य कलश यात्रा से हुई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने देशभक्ति नाटकों और संसद कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी का मन मोह लिया। कथा वाचिका बृजबाला शर्मा ने भी मंच से समाज की बुराइयों को खत्म करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। सामाजिक समरसता पर रहा जोर इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देना था। महामंडलेश्वर मुकेश आनंद ने युवाओं से अपील की कि वे अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आएं और समाज में ऊंच-नीच के भाव को मिटाने का काम करें। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ी शक्ति है। भंडारे के साथ समापन कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर जिला समरसता प्रमुख महेश सरिया, कथावाचक विनोद नगर और गोविंद जाने सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे