शुजालपुर से 9 किमी दूर ग्राम जामनेर में धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रमुख आयोजन मां महिषासुर मर्दिनी मेला जारी है। रविवार रात राजस्थान से आए कलाकारों ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन में 2 हजार से अधिक ग्रामीण देर रात तक शामिल हुए। कलाकारों ने सिर पर गिलास के ऊपर पानी से भरा कलश रखकर संतुलन का अद्भुत प्रदर्शन किया। इसके अलावा, गैस टंकी के साथ आग की फुहारें बरसाते हुए नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को अचंभित कर दिया। लोक नृत्य के दौरान मेला प्रांगण तालियों से गूंज उठा।आयोजक बोले-रोजाना सांस्कृतिक और भक्ति कार्यक्रम मेला समिति के अनुसार, मेले में प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों, जिनमें देवकरण पटेल, कमल पाटीदार और जयंत सक्सेना शामिल हैं, ने राजस्थान से आए कलाकारों का सम्मान किया।3 जनवरी तक चलेगा महिषासुर मर्दिनी मेला मां महिषासुर मर्दिनी मेला जामनेर क्षेत्र का एक पुराना और प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन है। मेला समिति ने बताया कि मेले का शुभारंभ 8 जनवरी को हुआ था और इसका समापन 23 जनवरी को होगा। इस अवधि के दौरान, 17 से 23 जनवरी तक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक पंडित रोहित नगर, खिलचीपुर द्वारा किया जा रहा है। माघ पंचमी से बसंत पंचमी तक लगता है मेला मेले में आकर्षक झूले, सैकड़ों दुकानें और विभिन्न मनोरंजन के साधन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह मेला माघ पंचमी से बसंत पंचमी तक लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन, कथा श्रवण और अन्य आयोजनों का लाभ ले रहे हैं। इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक माहौल के साथ सामाजिक सहभागिता बढ़ने की उम्मीद है।